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Back Pain Relief During Pregnancy| Dr Vikram Patidar | Spine Expert in Indore

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  As pregnancy progresses, it’s not uncommon for expectant mothers to begin experiencing back pain as their bodies change. However, understanding what triggers the pain and possible ways to alleviate it can greatly benefit mothers-to-be and help them find the upper or lower back pain relief they are looking for. WHAT TRIGGERS BACK PAIN IN PREGNANCY? A pregnant woman’s body goes through many drastic changes in a short period of time. These changes may enable her to carry her child safely, but they do little to make her feel comfortable or pain-free. Back pain during pregnancy is triggered by a number of changes the body undergoes: WEIGHT GAIN. Typically, a woman can gain anywhere from 25-35 pounds during pregnancy. The back has to compensate for the extra weight it’s carrying around, causing discomfort and pain. PHYSICAL AND HORMONAL CHANGES. As a woman’s body prepares for childbirth, hormones are released into the body that enable joints and ligaments to loosen and become more pliable.

“आपकी पीठ में लगातार दर्द होते रहना हो सकता है स्पाइनल स्टेनोसिस (spinal stenosis) का संकेत”

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आईये  जाने इस समस्या और निदान  के  बारे में विस्तार से:  हमारी पीठ का निचे वाला भाग  जिसे हम  लंबर स्पाइन  कहते हे,   5 बड़ी हड्डियों से मिलकर बनती है। इन हड्डियों के बीच डिस्क के नाम से जाने वाली मुलायम गद्दियां मौजूद होती हैं। इन हड्डियों में  एक  एक छेद होता है, जो हड्डियों को एक पाइप यानी कि नलिका का रूप देता है। हड्डियों के बीच का यह छेद रीढ़ की नसों के लिए रास्ते का काम करता है। जब यह छेद पतला होने लगता है, तो इसे लंबर केनल स्टेनोसिस (lumbar canal stenosis) बोलते हे । इसी के कारन स्वरुप पीठ के निचले हिस्से से पैरों तक जाने वाली नसों पर दबाव पड़ता है। तथा नसों पर पड़े दबाव की वजह से आई सूजन के कारण आपके पीठ में दर्द बना रहता है|  स्पाइन सर्जन डॉक्टर विक्रम पाटीदार का कहना हे की spinal stenosis की समस्या युवक युवतियों  को जन्म संबंधी कारणों से प्रभावित कर सकती है,  परन्तु 45 वर्ष से अधिक  उम्र के लोगों को यह समस्या ज्यादा हो सकती  है। बढ़ती उम्र के साथ डिस्क का गुदगुदापन कम होता जाता है, जिसके कारण डिस्क छोटी और सख्त होने लगती है।  आईये जाने क्या है इस समस्या का निदान: इस बीमारी क